बहरीन में असर, पश्चिम एशिया तनाव पर Amazon की ड्रोन चिंता
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी दिखने लगा है। ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने कहा है कि उसके अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) का बहरीन रीजन मौजूदा हालात के बीच बाधित हो गया है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि यह व्यवधान इलाके में ड्रोन गतिविधियों के कारण हुआ है। यह जानकारी रॉयटर्स की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में दी गई।
कंपनी ने क्या बताया?
हालांकि, कंपनी ने नुकसान की सीमा या सेवाएं पूरी तरह बहाल होने में लगने वाले समय को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि हालात लगातार बदल रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे यूजर्स को अन्य लोकेशंस में शिफ्ट होते रहने की सलाह दी गई है। एडब्ल्यूएस, अमेजन की क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट है, जो कई बड़ी वेबसाइट्स और सरकारी सेवाओं के संचालन के लिए बेहद अहम है। कंपनी के मुनाफे का बड़ा हिस्सा भी इसी से आता है।
दूसरी बार हुआ एडब्ल्यूएस रीजन पर हमला
गौरतलब है कि अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की शुरुआत के बाद यह दूसरी बार है जब बहरीन स्थित एडब्ल्यूएस रीजन ड्रोन हमले से प्रभावित हुआ है। इससे पहले इसी महीने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में एडब्ल्यूएस की सुविधाएं पावर आउटेज के कारण प्रभावित हुई थीं, जिन्हें बहाल करने की प्रक्रिया जारी थी। इन हमलों के दौरान आग लगने और इमरजेंसी सप्रेशन सिस्टम सक्रिय होने से पानी से भी नुकसान हुआ, जिसके चलते सेवाएं अस्थिर हुईं और कई जगह अस्थायी आउटेज देखने को मिला था। अमेजन ने उस समय चेतावनी दी थी कि भौतिक नुकसान के कारण सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने में समय लग सकता है और ग्राहकों को डेटा बैकअप लेने व वर्कलोड अन्य रीजन में शिफ्ट करने की सलाह दी गई थी।
डेटा सेंटर अब बने रणनीतिक निशाना
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद, तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं, जिनका निशाना अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों जैसे यूएई, सऊदी अरब और बहरीन को बनाया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी सीधे निशाने पर आ रहा है। एडब्ल्यूएस, जो दुनिया का सबसे बड़ा क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर है, लाखों एप्लिकेशन होस्ट करता है और कंपनियों व सरकारों का अहम डेटा संभालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे डेटा सेंटर अब रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो चुके हैं, इसलिए वे संभावित हमलों के लिए ज्यादा संवेदनशील भी बन गए हैं। इसका असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कई उद्योगों और डिजिटल सेवाओं पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।


जयशंकर के नेतृत्व में भारत की छवि मजबूत हुई
एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना, 11 जिलों तक पहुंचेगी हवाई सेवा
UCC पर गुजरात में बवाल: लिव-इन रिलेशन और दूसरी शादी को लेकर सख्त प्रावधान
छात्रों को राहत, आवेदन के लिए मिला अतिरिक्त समय
‘हिंदू विधायक’ टिप्पणी से गरमाई सियासत, CEO करेगा चुनाव आयोग को शिकायत
बॉर्डर एरिया में कितना हुआ विकास? संसद में सरकार ने दिया जवाब
राज्यसभा में लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर केंद्र पर निशाना
RCB की रणनीति में हो सकता है बड़ा बदलाव
भगदड़ में जान गंवाने वालों को खास तरीके से दी जाएगी श्रद्धांजलि
शराब प्रेमियों के लिए बड़ा बदलाव, नई पैकेजिंग की शुरुआत
खाली पदों को भरने के लिए नया तरीका अपनाया जाएगा
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं हुई मुलाकात, कलेक्टर से मिलने बैठी रहीं अध्यक्ष
नवरात्रि के चलते फलों की कीमतों में उछाल, आम जनता परेशान